हम सभी ऑयल रहित कुकिंग‘, ‘कार्ब रहित आहार‘, ‘उच्च प्रोटीन वाला आहारइत्यादि जैसे शब्दों से परिचित हैं और हमें वज़न में कमी, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण इत्यादि के संबंध में उनकी संपूर्ण उत्कृष्टता के विषय में बताया गया है.

इसीलिए पिछले पांचछः दशकों में लोकप्रिय मीडिया में बहुत अधिक ध्यान वसा, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन नामक मैक्रोन्यूट्रिएंट की विविध मात्रा वाले विभिन्न आहारों पर केंद्रित किया गया है. और जांच की लंबी अवधि के बाद जो आम सहमति सामने आई है वह यह है कि इनके अधिक या कम स्तर पर ध्यान देने के बजाय व्यक्ति को वसा, कार्बोहाइड्रेट या प्रोटीन के सही प्रकार को चुनने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और इनकी ग्रहण करने की मात्रा को अनुशंसित विस्तृत सीमा के अंदर रखना चाहिए. निश्चित तौर पर, व्यक्ति को कैलोरी का संतुलन सुनिश्चित करना होगा (केवल उतनी ही कैलोरी लेना, जितनी कि आवश्यक है)

यहां तक कि वज़न में कमी के लिए, कोई भी अत्यधिक समृद्ध आहार, किसी दूसरे आहार की तुलना में उत्कृष्ट नहीं पाया गया. वज़न के प्रबंधन का सबसे महत्वपूर्ण दृष्टिकोण कैलोरी पर प्रतिबंध रखना और ऐसा आहार पैटर्न चुनना है, जिसके साथ आप अधिक समय तक बने रह सकें

उन भारतीयों के लिए जो हमेशा अधिक कार्बोहाइड्रेट वाला आहार लेते हैं, दिलचस्प तथ्य यह है कि कार्बोहाइड्रेट, विशेष रूप से संसाधित कार्बोहाइड्रेट जैसे पीसा हुआ चावल, शर्करा, जैगरी इत्यादि को अनुशंसित मात्रा से अधिक लेने पर, भले ही वसा की अत्यधिक मात्रा ग्रहण करने से भी अधिक नुकसान न हो, लेकिन उसके समान नुकसान तो होगा ही

इसलिए, किसी व्यक्ति को प्रतिदिन कितना कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन लेना चाहिए?

कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा भोजन से ऊर्जा प्रदान करते हैं. इसके अतिरिक्त, शरीर में उनकी संरचनात्मक और कार्यात्मक भूमिका है.

WHO/FAO, USDA और NIN भारत सभी ने संपूर्ण कैलोरी के उन प्रतिशतों के रूप में मैक्रोन्युट्रिएंट की अनुशंसित उपभोग सीमा निर्धारित की है, जो इनमें से प्रत्येक से प्राप्त होनी चाहिएसाथ ही, जीवनशैली के कारण होने वाले रोगों और जोखिम कारकों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए डिज़ाइन किया गया आहार जैसे TLC और DASH आहार समान सीमाएं निर्धारित करता है, नीचे दी गई तालिका इन दिशानिर्देशों की स्वीकृत अनुशंसाएं दर्शाती है

प्रत्येक मैक्रो न्युट्रिएंट से कुल कैलोरी का कितना प्रतिशत प्राप्त होना चाहिए?
  सामान्य BMI वाले स्वस्थ लोगों के लिए उन लोगों के लिए जिन्हें स्वास्थ्य का मौजूदा जोखिम है
कार्बोहाइड्रेट से कैलोरी 45-65% 50-60%
वसा से कैलोरी 20-35% (WHO के अनुसार 20-30%) 20-35% (WHO के अनुसार 20-30%)
प्रोटीन से कैलोरी 10-25% 15-25%

कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के लिए उच्चतम और निम्नतम सीमा क्यों निर्धारित की गई है?

मैक्रोन्युट्रिएंट्स के लिए उपभोग की सीमा निर्धारित करने के लिए तर्क
कार्बोहाइड्रेट

कार्बोहाइड्रेट का पाचन ग्लूकोज में होता है जो शरीर की कोशिकाओं के लिए ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत है और महत्वपूर्ण अंग जैसे मस्तिष्क, मांसपेशियां और RBC ऊर्जा स्रोत के रूप में ग्लूकोज के साथ सबसे अच्छा कार्य करते हैं

इसके अतिरिक्त

हमारे आहार में कार्बोहाइड्रेट के स्रोत: अनाज, दालें, जड़ और कंद (आलू आदि) मिनरल और विटामिन B कॉम्प्लेक्स के मुख्य स्रोत होते हैं और आहार में इनकी मात्रा को अत्यधिक सीमित कर देने से इन पोषक तत्वों की कमी हो सकती है

वसा:

ये अत्यावश्यक वसा अम्लों और वसा में घुलनशील विटामिन (A,D, E और K)के स्रोत हैं

वसा भी शरीर के ऊर्जा स्रोत का संग्रहण स्रोत है, जो उपवास की अवधि में पूर्ति करने के लिए और शरीर के प्रोटीन का उपयोग ऊर्जा स्रोत के रूप में होने से बचाने के लिए आवश्यक है

प्रोटीन

प्रोटीन शरीर को बनाने वाले आवश्यक तत्व हैं और ये इसकी इष्टतम गतिविधि और विकास के लिए अत्यावश्यक होते हैं.

दूध सहित पशु प्रोटीन के स्रोत, लगभग सभी पोषक तत्व जैसे कि कैल्शियम, विटामिन B 12 इत्यादि और कुछ विटामिन और खनिज (विटामिन A, आयरन, जिंक इत्यादि) की बेहतर गुणवत्ता प्रदान करते हैं, जबकि इसके वानस्पतिक स्रोत जैसे कि दाल और सूखे सेम अधिक मात्रा में फ़ायबर, खनिज, फोलेट, इत्यादि प्रदान करते हैं.

 

 मैक्रोन्युट्रिएंट के लिए अनुसंशित उपभोग की ऊपरी सीमा निर्धारित करने के लिए तर्क
कार्बोहाइड्रेट:

कार्बोहाइड्रेट के अधिक सेवन, विशेष रूप से सामान्य शर्करा और प्रसंस्कृत अनाज के कारण, वजन बढ़ता है, लिपिड प्रोफ़ाइल की सामान्य सीमा पार हो जाती है और इससे मेटाबोलिक सिंड्रोम, हृदय रोग और डायबिटीज़ का अधिक जोखिम होता है

वसा:

आपके आहार में उन पर ध्यान नहीं दिया जाता है और वे आपके कैलोरी संतुलन को समाप्त कर सकते हैं

संपूर्ण वसा के अत्यधिक सेवन से खराब वसा, TFA, SFA और कोलेस्ट्रॉल का अत्यधिक सेवन हो सकता है जो हृदय की सेहत के लिए नुकसानदायक होता है

प्रोटीन

पशु प्रोटीन के स्रोत बुरी वसा को बढ़ाते हैं. जबकि वनस्पति आधारित स्रोत जैसे दाल, कार्बोहाइड्रेट से परिपूर्ण हैं. इसलिए व्यक्ति, कैलोरी की ग्रहण की जाने वाली कुल मात्रा का केवल 35% ग्रहण कर सकता है. औसत भारतीय व्यक्ति के आहार में 11-12% या इससे कम कैलोरी प्रोटीन से आती है, इसलिए इन ऊपरी सीमाओं को किसी भी प्रकार से पार करना कठिन है

इसलिए यदि आप वसा, कार्बोहाइड्रेट कम करने या अधिक प्रोटीन का आहार लेने की योजना बना रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपको फिर भी तीनों स्रोतों से ईष्टतम सीमा तक कैलोरी प्राप्त हो सके

इन तीनों स्रोतों के आधार पर आहार का नियोजन करना आसान नहीं है. सबसे पहले आपके लिए कैलोरी की अपनी आवश्यकता जानना आवश्यक है, इसके बाद ही आप उस कैलोरी की गणना कर सकेंगे, जो आपको वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से प्राप्त होगी. साथ ही, अपने आहार में भोजन के संयोजन का पता लगाना भी आपके लिए आवश्यक है! सौभाग्य से आपको यह कार्य स्वयं ही नहीं करना होगा या इसके लिए किसी आहारविशेषज्ञ के पास भी नहीं जाना होगा. हम इसे आपके लिए करेंगेअपनी आदर्श आहार योजना अभी प्राप्त करें

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