भारतीय लोगों के लिए सर्वोत्तम शाकाराही प्रोटीन स्रोत

भारत में हाल ही में हुए सर्वेक्षणों में यह जाहिर हुआ है कि भारतीय आहार में प्रोटीन की मात्रा अधिसंख्य लोगों में अपर्याप्त है. इसलिए भारतीय लोगों के लिए यह पता लगाना महत्त्वपूर्ण है कि आप अपने परिवार के भोजन में प्रोटीन की मात्रा को कैसे बढा सकते हैं.  हमने नीचे भारतीय आहार में सर्वोत्तम शाकाहारी प्रोटीन विकल्पों और उनके विशिष्ट गुणों की चर्चा की है

प्रोटीनयुक्त भोजन को दुग्धरहित और दुग्धप्रोटीन वाले भोजन में विभाजित किया जा सकता है, जिनमें से दुग्धरहित प्रोटीन की नीचे चर्चा की गई है.  शाकाहारी लोगों के लिए दुग्धरहित प्रोटीन वाले भोज्य पदार्थ दाल (पल्सेस), सूखी फ़लियां,  नट्स और सोया उत्पाद शामिल होते हैं. दुग्ध प्रोटीन स्रोतों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

भारतीय लोगों के लिए शाकाहारी प्रोटीन के सर्वोत्तम स्रोत

दालें और सूखी फ़लियां

  • दलहन (दाले) और सूखी फ़लियां (राजमा, लोबिया आदि) शाकाहारी भारतीय आहार में और यहां तक कि ज्यादातर गैरशाकाहारी भारतीय लोगों के आहार में प्रोटीन का प्रमुख स्रोत हैं. वे शाकाहारी लोगों के आहार में प्रोटीन और फोलेट के प्रमुख स्रोत और विटामिन B कॉम्प्लेक्स (विटामिन B12 को छोड़कर), खनिज (विशेष रूप से आयरन) और खाद्य फाइबर के अच्छे स्रोत हैंलेकिन उनमें कार्बोहाइड्रेट (असल में दालों की लगभग 70% कैलोरी कार्बोहाइड्रेट से आती है) की अत्यधिक मात्रा होती है इसकी तुलना में मीट और पोल्ट्रीआहार कार्बोहाइड्रेट से मिलने वाली कैलोरी की समान मात्रा देते हैं और टोफ़ू और सोया नगेट केवल 9% ही कैलोरी देते हैं.

असल में पश्चिमी आहारों में, सूखी फ़लियों और फलियों को ब्रेड/अनाज के विकल्प के रूप में देखा जाता है!

  • साबुतदाल और सूखी फ़लियों का स्कोर उनके फ़ाइबर तत्व के लिए धुलीदाल से अधिक होता है; उनमें फ़ाइबर की मात्रा धुली दाल से लगभग दोगुनी होती है और उनमें से कुछ जैसे राजमा, लोबिया और काले चने में ओमेगा 3 फैटी एसिड की अधिक मात्रा पाई जाती है.

सोया उत्पाद

  • सोयाबीन में भी प्रोटीन और अच्छी वसाएं अन्य सूखी फलियों की तुलना में अत्यधिक मात्रा में है और साथ ही इनमें समान मात्रा में ली जाने वाली सूखी फलियों की तुलना में अधिक कैलोरी भी मौजूद हैं.
  • टोफू भी प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है; टोफ़ू में दालों से लगभग दोगुनी मात्रा में प्रोटीन होता है और यह कैल्शियम और आयरन से भी भरपूर है; 1/2 कटोरी दाल प्रोटीन से मिलने वाली संपूर्ण कैलोरी का 25% देती है जबकि 1/4 ब्लॉक टोफ़ू 42% कैलोरी देता है (दोनों लगभग 100 कैलोरी प्रदान करते हैं)
  • इसी प्रकार, सोया चंक (न्यूट्रीला इत्यादि) का एक बार की मात्रा (30 ग्राम)  से प्रोटीन से मिलने वाली 60% कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट से मिलने वाली 40% कैलोरी की वही मात्रा प्राप्त होगी, जो आपको ½ कटोरी दाल से (लगभग 100 कैलोरी) प्राप्त होती है

टिप 1: कैलोरी की समान मात्रा के लिए और अधिक प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेट प्राप्त करने के लिए लिए दालों को कुछ भोजन में सोयाबीन के उत्पादों (सोया फलियां, चंक, ग्रैन्यूल या टोफ़ू) से बदल दें

  • भोजन बनाते समय अपनी दाल में कुछ सोया ग्रैन्यूल मिला दें
  • कुछ सोया चंक और ग्रैन्यूल को फ़्रिज में तैयार रखें ताकि उन्हें आपके सूप, सलाद और नूडल्स इत्यादि में मिलाया जा सके.
  • कुछ खाद्य पदार्थों में आधा कटोरी दाल को 1/4 ब्लॉक टोफ़ू से बदल दें

नट्स:

नट्स को भी प्रोटीनयुक्त भोजन माना जाता है और वे पोटेशियम, मैग्निशियम, खाद्य फ़ाइबर, विटामिन E और फ़ाइटोस्टेरॉल्स के अच्छे स्रोत हैं, इसलिए वे हृदय के स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं लेकिन उनमें कैलोरी की मात्रा बहुत अधिक है इसलिए आपको उनसे कैलोरी ग्रहण करने के स्तर के लिए प्रोटीन की मात्रा उपयुक्त बनाए रखनी होगी अन्यथा उनसे मिलने वाली कैलोरी की मात्रा अत्यधिक हो सकती है

टिप 2: नट्स को अपने आहार का एक भाग बनाएं, लेकिन नट्स को प्राथमिकता क्रम में ऊपर रखने के बजाय नट्स वाले कैलोरीरहित भोजन (उदा. अस्वास्थ्यकर स्नैक्स) को बदलने के प्रति सावधान रहें, क्योंकि नट्स अत्यधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ हैं.

1 oz नट्स इसके बराबर हैं

  • बादाम= 22
  • अखरोट=14 हाफ़
  • पीनट= 50
  • पिस्ता=50
  • काजू= 16-18
  • विभिन्न प्रकार के नट्स ग्रहण करें, क्योंकि प्रत्येक नट में अद्वितीय लाभ होते हैं, विशेष रूप से यह सुनिश्चित करें कि आपके मिश्रण में बादान, और अखरोट शामिल हों जिनमें क्रमशः विटामिन E और ओमेगा 3 फ़ैट की अधिक मात्रा होती है.

नट्स के बारे में अधिक जानने के लिए, यह भी पढ़ें नट्स: ये आपको स्वस्थ बनाते हैं या मोटा?’

अंडे (यदि आप इन्हें ग्रहण कर सकते हैं)

टिप 3: पूरे अंडे नियंत्रित रूप में खाएं, ‘स्मार्ट तरीके से अंडे ग्रहण करनेपर स्विच करें

  • यदि आपका ब्लड कोलेस्ट्रॉल स्तर उच्च है, तो बेहतर होगा कि आप अंडे की ग्रहण की जाने वाली मात्रा को दोचार/सप्ताह से कम कर दें या केवल अंडे के सफ़ेद भाग को ग्रहण करें; अंडे के सफ़ेद भाग में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है, इसलिए ब्रेकफ़ास्ट में स्मार्ट तरीके से अंडा ग्रहण करना (दो/तीन अंडों का सफेद भाग + एक अंडे की जर्दी) ग्रहण करना एक अच्छा सुझाव है!
  • शाकाहारी लोगों के लिए (जो अंडा ग्रहण करते हैं) यदि वे कम फ़ैट वाले दूध (डबल टोंड या स्किम्ड) का उपयोग करते हैं, तो एक अंडा रोज़ाना सुरक्षित रूप से लिया जा सकता है.
  • स्वस्थ वयस्क व्यक्तियों और बच्चों के लिए केवल अंडे का सफेद भाग ग्रहण करना एक अच्छा विचार नहीं है क्योंकि अंडे के पीले भाग में अंडे का अधिकांश कैल्शियम, विटामिन A, D, E, B1, B3, B12,फ़ोलेट, आयरन और ज़िंक होता है.

यह जानने के लिए कि शरीर के लिए कितने प्रोटीन की आवश्यकता होती है और कितना प्रोटीन शरीर के लिए सुरक्षित होता है, प्रोटीन हमें इसकी आवश्यकता क्यों है और यह कितनी मात्रा में अच्छा है? पर जाएं

संक्षेप में, आपके आहार में सोयाबीन उत्पाद और नट्स को संयोजित करना या इससे बेहतर, इनके द्वारा आपके कुछ कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन (चावल या सफेद ब्रेड) को बदल देने से आपके आहार को अधिक प्रोटीन वाला आहार बनाने में सहायता मिलेगी.

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