भारत के लिए हृदय रोग के आंकड़े

भारत, जीवनशैली  पर आधारित रोगोंडायबिटीज़ और हृदयरोग  के खतरनाक मुहाने पर है और इसके रुझान, आगामी दिनों में इनमें चेतावनीपूर्ण स्तर की वृद्धि दर्शा रहे हैं !

भारत और अन्य स्थानों पर किए गए अध्ययन दर्शाते हैं कि आमतौर पर एशियाई और विशेष रूप से भारतीय व्यक्तियों को, चाहे वे किसी अन्य देश में प्रवास कर गए हों, या भारत के निवासी हों, हृदयाघात का खतरा युवा आयु (<40 वर्ष) में अधिक होता है

कार्डियोवेस्क्युलर बीमारियां, या हृदय और वेसलकी बीमारियां मृत्यु का एक बड़ा कारण था, जिनमें से लगभग आधी मौतें भारत में गैरसंचारी रोगों के कारण और 2008 में लगभग एक चौथाई मौतें इनके कारण हुईं थींज़्यादा चिंताजनक बात यह है कि 25-69 वर्ष के बीच की आयु वाले लोगों में व्ययभार महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा है और यह भारत की उत्पादक जनसंख्या को प्रभावित कर रहा है. मौजूदा प्रमाण यह बताते हैं कि 20-49 वर्ष के आयुसमूह में मृत्यु का 4% और  50 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों की मृत्यु का 6% CVD के कारण है

साथ ही, पश्चिमी देशों के पुरुषों और महिलाओं के बीच हृदयरोग की रिपोर्ट किए जाने की तुलना में भारतीय लोगों में, हृदय रोग का जोखिम पुरुष और महिला के बीच इसका अंतर नहीं दर्शाता, जहां पश्चिमी देशों में पुरुषों के समान आयु वाली महिलाओं में हृदयाघात का कम जोखिम होता है, अध्ययन बताते हैं कि इसके बजाय आगामी वर्षों में महिलाओं में हृदयाघात अधिक होगा

पश्चिमी देशों की जनसंख्या (CVD) की तुलना में भारतीय व्यक्तियों को हृदय की बीमारी का अधिक खतरा अधिक होता है और वह भी युवा आयु में अधिक है!

हृदय की बीमारी का उपचार करने से अधिक सहायक जोखिम कारकों का नियंत्रण करना है

हृदयाघात की रोकथाम के लिए सर्वोत्तम तरीका, उसके जोखिम कारकों का नियंत्रण करना है:  जैसे BP, रक्त कोलेस्ट्रॉल और शर्करा स्तर, शरीर का वज़न और आदतें: जैसे मद्यपान और धूम्रपान

ऐसा इसलिए हैं क्योंकि ऐसे लोगों में जिनमें ह्रदय रोग के कोई लक्षण नहीं हैं हृदय की बीमारी के जांच परीक्षण जैसे ECG, एक्सरसाइज़ टॉलरेंस परीक्षण  स्वयं हृदयाघात की घटनाओं और/या उससे होने वाली मृत्यु को कम करने में विफल रहे हैं. इतना ही नहीं, इन परीक्षणों से होने वाली जटिलताएं और चिंता के कारण विशेषज्ञ एजेंसियों जैसे AHA, ESC इत्यादि को ये दिशानिर्देश जारी करने पड़े हैं कि ये परीक्षण ऐसे व्यक्तियों पर किए जाएं, जिनमें हृदय रोग दर्शाने वाले कुछ लक्षण हों

दूसरी ओर, इसका पहले ही पता चल जाने और जोखिमकारकों के आक्रामक प्रबंधन के कारण परिणाम दिखाई दे रहे हैं और अब यही कार्रवाई का केंद्रबिंदु बन गया है; एंजियोग्राफ़ी से आगे बढ़कर, यह TLC (थेरेप्युटिक लाइफ़स्टाइल चेंजेस) का युग है !

हृदय की बीमारी के जोखिम कारकों के लक्षित स्तर

नीचे दी गई तालिका में इन जोखिम कारकों के लक्षित स्तरों के संबंध में अनुशंसाओं का सारांश दिया गया है और इस पर सुझाव दिए गए हैं कि जीवनशैली के बदलावों की कब शुरुआत करें या अपने डॉक्टर के साथ दवा द्वारा उपचार की कब चर्चा करें :

हृदय के लिए जोखिम कारक दवा लेने पर विचार करें यदि जीवनशैली के बदलावों पर विचार करें यदि
रक्तचाप

(आदर्श BP 120/80 या इससे कम है)

यदि आपका BP 160 सिस्टोलिक या 100 डायस्टोलिक से अधिक है, तो आपको अपने चिकित्सक को तत्काल दिखाना चाहिए

यदि BP>140/90 है, तो दवा लेने पर तत्काल विचार करें यदि आपका CVD जोखिम स्कोर अधिक या बहुत अधिक हो

यदि आपका CVD जोखिम मध्यम हो, तो 6 सप्ताह या इतने समय के लिए जीवनशैली के बदलावों को आजमाएं और यदि BP फिर भी >140 सिस्टोलिक या >90 डायस्टोलिक हो, तो आपको दवाएं लेनी चाहिए

यदि CVD जोखिम कम हो, तो 3-6 माह तक जीवन शैली के बदलाव आजमाएं, और पुनः आकलन करें, यदि BP फिर भी >140 सिस्टोलिक या >90 डायस्टोलिक रहता है, तो आपको दवाएं लेनी चाहिए

यदि सिस्टोलिक >120 या डायस्टोलिक > 80 हो
रक्तशर्करा

(खाली पेट आदर्श मान BS<100 और HbA1c<5.7)

आमतौर पर कहें तो: प्रकार 2 डायबिटीज़ वाले लोग (खाली पेट BS=126 या अधिक और/या HbA1c= 6.5 या इससे अधिक), जिनका HbA1c स्तर  निदान करने पर 7.5% से कम हो, उन्हें 3 माह के लिए जीवनशैली के बदलावों को आज़माना चाहिए, यदि यह विफल रहता है, तो उन्हें दवाएं शुरू करनी चाहिए

यदि निदान होने पर HbA1c >7.5 हो, तो आपको सबसे संभावित रूप से सीधे दवाएं या इंसुलिन लेना शुरू करना चाहिए, यहां तक कि कम HbA1c स्तरों पर भी दवा द्वारा उपचार की आवश्यकता हो सकती है, इसके लिए अपने चिकित्सक से चर्चा करें

कुछ मामलों में, प्रीडायबिटीज़ (FBS के 100 और 125 के बीच होना और HbA1c 5.7 और 6.4 के बीच होना) के लिए भी दवाओं की आवश्यकता हो सकती है, उदाहरण के लिए

  • यदि आपका BMI>30 हो
  • यदि गेस्टेशनल डायबिटीज़ का इतिहास हो
प्रीडायबिटीज़ और डायबिटीज़ मौजूद हो
रक्त LDL कोलेस्ट्रॉल

(अधिकांश लोगों के लिए LDL का आदर्श स्तर <100 mg/DL है लेकिन हृदय रोग के अधिक जोखिम वाले लोगों के लिए < 70 आदर्श है)

कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाली दवाओं के लिए आपको अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए, यदि:

यदि आपका रक्त LDL कोलेस्ट्रॉल >190 mg/dL हो या कुल कोलेस्ट्रॉल >300 mg/Dl हो

यदि LDL>130 और CVD जोखिम स्कोर अधिक हो या बहुत अधिक हो

यदि आपका LDL> 160 और आपका CVD जोखिम कम हो या मध्यम हो, तो आप 3-6 माह के लिए जीवनशैली के गहन बदलावों को आजमा सकते हैं, यदि LDL फिर भी > 100 रहता है, तो आपको दवाएं लेना शुरू करना चाहिए

यदि आप 40 वर्ष से अधिक आयु के एक डायबिटिक मरीज़ हैं और LDL कोलेस्ट्रॉल 70 से अधिक है

यदि LDL कोलेसट्रॉल >100mg/dL हो

यदि LDL>70 और आपका CVD जोखिम स्कोर अधिक हो या बहुत अधिक हो

रक्त HDL कोलेस्ट्रॉल

(पुरुषों के लिए आदर्श HDL स्तर >40 mg/DL और महिलाओं के लिए > 50 आदर्श स्तर है)

आमतौर पर LDL कोलेस्ट्रॉल के लिए जीवनशैली के बदलाव और दवाओं से HDL स्तरों का प्रबंधन हो जाता है यदि पुरुषों के लिए HDL< 40 mg/dL और महिलाओं के लिए <50 हो
रक्त TG (ट्रायग्लिसेराइड्स)

(आदर्श TG स्तर <150 mg/DL )

यदि TG> 500 mg/dL हो, तो आपको अपने चिकित्सक से तुरंत संपर्क करना चाहिए, अन्यथा यदि TG >150 mg/dL, हो तो 3-6 माह के लिए जीवनशैली के परिवर्तन आजमाना चाहिए यदि TG> 150 mg/dL
BMI और 

कमर की परिधि

जब एंटीओबेसिटी दवाओं को जीवनशैली के बदलावों से संयोजित किया जाता है, तो ये वज़न कम करने में सहायता करती हैं

यदि BMI> 27 हो, तो अपने चिकित्सक से चर्चा करे6

यदि BMI> 25 हो और CVD जोखिम मध्यम या अधिक हो, तो अपने चिकित्सक से चर्चा करें

यदि महिलाओं में WC >90 सेमी या पुरुषों में  >100 सेमी हो

BMI> 22.9 हो या

यदि महिलाओं में WC:>80 सेमी या पुरुषों में >90 सेमी हो

रोकथाम के लिए दवाएं:

एस्पिरीन; सिरक विटपिन; पीड़ानिवारक और ज्‍वरप्रशामक ओषधि;

यदि आप 40 वर्ष से अधिक आयु के डायबेटिक मरीज़ हैं और आपका अधिक धनात्मक जोखिम कारक जैसे उच्च BP या धूम्रपान की आदत हो, तो एस्प्रिन का उपयोग करने के बारे में अपने चिकित्सक से चर्चा करें

यदि आप >45 वर्ष की आयु वाले पुरुष या > 55 वर्ष की आयु वाली ऐसी महिला हैं जिन्हें CVD का अधिक या बहुत अधिक जोखिम हो, तो एस्प्रिन का उपयोग करने के बारे में अपने चिकित्सक से चर्चा करें

धूम्रपान जितनी जल्दी हो सके धूम्रपान छोड़ दें !

यह पता लगाने के लिए एक प्रश्नावली आधारित मूल्यांकन करें कि क्या आप निकोटिन पर निर्भर हैं, यदि ऐसा है, तो आपको धूम्रपान रोकने के लिए दवाओं का उपयोग करने के बारे में विचार करने की आवश्यकता हो सकती है, नीचे दिए गए लिंक का अनुसरण करें:

http://ww2.health.wa.gov.au/~/media/Files/Corporate/general documents/Tobacco/PDF/Fagerstrom_test.ashx

 

भारतीयों के लिए हृदयाघात के जोखिम का कैल्क्युलेटर